
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज ओडिशा के कटक और भुवनेश्वर में आयोजित विकास उत्सव के दौरान राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई देने के लिए डेयरी और केमिकल सेक्टर हेतु करोड़ों रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण किया। उन्होंने कटक की जनसभा में घोषणा की कि केंद्र सरकार ओडिशा को देश का ‘ईस्टर्न इकोनॉमिक हब’ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसके तहत डेयरी किसानों की आय दोगुनी करने के लिए अत्याधुनिक प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित किए जाएंगे। शाह ने स्पष्ट किया कि ‘श्वेत क्रांति 2.0’ के माध्यम से ओडिशा के ग्रामीण इलाकों में सहकारी समितियों को मजबूत किया जाएगा, जिससे हजारों महिलाओं और युवाओं को सीधे तौर पर स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। करोड़ों की इन सौगातों में भुवनेश्वर के पास एक विशाल मिल्क चिलिंग सेंटर और मिल्क पाउडर यूनिट का शिलान्यास भी शामिल है, जो स्थानीय दुग्ध उत्पादकों को बिचौलियों के चंगुल से मुक्त कर सीधे बाजार से जोड़ेगा। गृह मंत्री के इस ‘विकास मॉडल’ ने ओडिशा के तटीय और आंतरिक दोनों क्षेत्रों में आर्थिक खुशहाली की एक नई लहर पैदा कर दी है।
डेयरी क्षेत्र के साथ-साथ अमित शाह ने पारादीप और गंजम बेल्ट के लिए ‘केमिकल और पेट्रोकेमिकल’ क्लस्टर के विस्तार हेतु विशेष वित्तीय पैकेज की भी घोषणा की, जो औद्योगिक क्रांति की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि इन रासायनिक इकाइयों के आधुनिकीकरण और नए प्लांट लगाने से न केवल भारत की आयात पर निर्भरता कम होगी, बल्कि ‘मेक इन इंडिया’ के तहत स्थानीय स्तर पर उच्च गुणवत्ता वाले रसायनों का उत्पादन संभव हो सकेगा। करोड़ों के इस निवेश से क्षेत्र में सहायक उद्योगों (Ancillary Industries) का जाल बिछेगा, जिससे तकनीकी विशेषज्ञों और कुशल श्रमिकों के लिए हजारों नए पदों का सृजन होगा। शाह ने जोर देकर कहा कि ओडिशा की खनिज संपदा और तटीय सुगमता का लाभ उठाने के लिए सरकार बुनियादी ढांचे और बिजली आपूर्ति में कोई कमी नहीं छोड़ेगी। केमिकल सेक्टर के इस विस्तार को पर्यावरण के अनुकूल ‘ग्रीन टेक्नोलॉजी’ के साथ जोड़ा गया है, ताकि औद्योगिक प्रगति के साथ-साथ प्रकृति का संतुलन भी बना रहे।
कार्यक्रम के समापन पर अमित शाह ने ओडिशा की जनता को आश्वस्त किया कि मोदी सरकार का ‘पूर्व उदय’ मिशन राज्य के हर जिले तक विकास की रोशनी पहुँचाने के लिए पूरी तरह सक्रिय है। उन्होंने कहा कि डेयरी और केमिकल सेक्टर में यह करोड़ों का निवेश केवल आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि ओडिशा के गौरव और समृद्धि को पुनर्स्थापित करने का एक ठोस संकल्प है। गृह मंत्री ने राज्य सरकार और केंद्र के बीच बेहतर समन्वय की सराहना करते हुए कहा कि जब राजनीति से ऊपर उठकर विकास को प्राथमिकता दी जाती है, तभी जनता का वास्तविक कल्याण संभव होता है। 7 मार्च 2026 की यह दोपहर ओडिशा के औद्योगिक इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गई है, जहाँ परंपरा और आधुनिक तकनीक का मेल देखने को मिला है। इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने के बाद ओडिशा न केवल कृषि आधारित उत्पादों में आत्मनिर्भर बनेगा, बल्कि वैश्विक रसायन बाजार में भी अपनी सशक्त पहचान दर्ज कराएगा।



